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तीन बहनों के आईएएस एग्ज़ाम पास करने की कहानी झूठ है, सच जान लीजिए

गलत चीज़ के लिए हो रही है इन लड़कियों की तारीफ. मगर तारीफ के काबिल तो ये हैं ही.

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म्हारी छोरियां छोरों से कम हैं के…

दंगल फिल्म के बाद ये जुमला खूब चला. छोरियां भी खुद को साबित करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहीं. कहीं किडनी देकर अपने पिता की जान बचा रही हैं तो कहीं घर से निकाली जा चुकी अपनी मां का सहारा बन रही हैं. इसी बीच एक फोटो व्हाट्सएप, फेसबुक और ट्विटर पर घूम रही है. आपने भी पक्का देखी होगी. तीन लड़कियां अपनी बूढ़ी मां को मिठाई खिला रही हैं. कैप्शन में लिखा है कि तीनों लड़कियों ने एक साथ आईएएस का एग्ज़ाम पास कर लिया है. अगर न देखी हो तो फोटो फिर से देख लो…

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इस कैप्शन में ये भी लिखा है कि बेटियों की मां ने अकेले रात-दिन काम करके बेटियों को पढ़ाया है. इन्हें सलाम. सलाम हम भी कर रहे हैं इन बेटियों को और साथ में इनकी मां को लेकिन हम आपको बता दें कि इन बेटियों ने आईएएस का एग्ज़ाम पास नहीं किया है. इन्होंने RAS का एग्ज़ाम पास किया है जिसे RPSC (Rajasthan Public Service Commission) कराता है. ठीक वैसे जैसे IAS का एग्ज़ाम UPSC (The Union Public Service Commission) यानी संघ लोक सेवा आयोग कराता है.

अब जान लो दोनों में फर्क क्या है

RAS एग्ज़ाम IAS एग्ज़ाम से निचले लेवल का होता है. ठीक वैसे जैसे हम लोग स्कूल में आठवीं का एग्ज़ाम देते थे और फिर हाईस्कूल का. अपनी भाषा में कहें तो IAS एग्ज़ाम, RAS से बहुत कठिन होता है. RAS पास करके हमें राजस्थान में नौकरी मिलती है जबकि IAS पास करके केंद्र सरकार में पोस्ट मिलती है. RAS एग्ज़ाम में बहुत सारे प्रश्न राजस्थान से जुड़े होते हैं वहीं IAS में नेशनल और इंटरनेशनल मुद्दों से जुड़े सवाल आते हैं.

ये सब बताने का मकसद ये नहीं कि उन तीन बहनों ने कुछ किया नहीं और तारीफ मिल गई. तीनों बहनों ने RAS का एग्ज़ाम पास किया है, जो उनकी मां के लिए ही नहीं हमारे लिए भी गर्व की बात है.

मुश्किलें कम नहीं थीं

जयपुर से आज तक के विशेष संवाददाता शरत ने इस परिवार से बात की. शरत को लड़कियों की मां मीरा देवी ने बताया कि तीनों बहनों को पढ़ाना इतना आसान नहीं था. पहले तो आसपास और समाज के लोगों ने खूब ताने दिए. लोग कहते थे कि उम्र हो गई है, कब तक कुंवारी रखोगी, हाथ पीले क्यों नहीं कर देती? मीरा अपनी दो बड़ी बेटियों प्रेम और मंजू की शादी कर चुकी हैं, लेकिन पढ़ने की ललक के कारण कमला, गीता और ममता की शादी नहीं कर रही थीं.

तीनों में बड़ी बहन कमला चौधरी कर विभाग में असिस्टेंट टैक्स आॅफिसर हैं. साथ ही गीता चौधरी का सेलेक्शन पहले ही पटवारी के लिए हो चुका है, लेकिन आरएएस की तैयारी के चलते ज्वॉइन नहीं किया. ये बहनें बतातीं हैं कि समाज में उनके पैदा होने पर के किसी ने भी खुशी नहीं मनाई. परिवार में पांच बहनें होने के कारण कई बार समस्याओं को सामना करना पड़ा, लेकिन अब वे समाज में अन्य बेटियों के लिए रोल मॉडल बन चुकी हैं. अब परिवार वाले चाहते हैं कि ये बहनें आईएएस की तैयारी करें.