23 साल की सिमरन बनी साध्वी, सिर्फ अपनी पसंद का आखिरी खाना खा कर बन गई साध्वी

Simran jain story: आज कल समाज किस तरह का हो रहा है किसी को पता ही नहीं चल रहा है. आपने कुछ साल पहले देखा होगा की गुजरात का एक बिजनसमैंन जिसके पास करोड़ो रूपए थे वो अचानक से भगवा धारण कर लेता है और अपने परिवार से मुहं मोड़ लेता है. इतना ही नहीं उसके घर वाले लाइव टीवी पर रोने लगते है और उसे घर आने को कहते है पर वो नहीं मानता है. खैर इन दिनों एक लड़की ने भी कुछ ऐसा ही किया है. बहुत छोटी उम्र में वह लड़की बहुत कुछ कर सकती थी पर उस लड़की ने अपनी जिंदगी का ऐसा फैसला लिया जिसकी किसी को उम्मीद नहीं थी.


 

सिमरन बन गई साध्वी सिमरन, Simran jain story –

आज हम एक ऐसी लड़की के बारें में बताने वाले है इस लड़की का नाम सिमरन है और यह इंदौर की रहने वाली है. इस लड़की ने ग्रेजुएशन कम्पलीट किया है और अब नौकरी की बारी आई तो इस लड़की ने साध्वी बनने का फैसला ले लिया. आपको बता दूँ की इस लड़की के घर में किसी भी तरह की कोई कमी नहीं है पर लड़की ने अपने घर को त्याग दिया और साध्वी बनने का फैसला कर लिया है. इस लड़की की उम्र महज 23 वर्ष है और इस लड़की ने अध्यात्म को ही अपना मान लिया.

सुकून की तलाश ने बना दिया साध्वी, Simran jain story –

सिमरन कहती है की मैंने अपने परिवार के लिए बहुत कुछ किया, हालाँकि परिवार ने मुझे सब कुछ दिया है पर मैं चाहती थी की कुछ करके दिखाऊं पर मुझे किसी भी जगह सुकून नही मिल रहा  था. यहाँ तक की मैं देश की अनेक जगहों में भी घूमी पर वहां पर भी मुझे सुकून नहीं मिला. तो मैंने संतआश्रम आकर यहाँ पर गुरुओं की सरण में आई तो यहाँ मुझे शांति मिली शायद इसलिए मैं यहाँ पर साध्वी के रूप में कार्य करना चाहती हूँ.

संसार से अच्छा है संतो का जीवन –

सिमरन कहती है की मुझे नहीं लगता की संतो से सुखी कोई है, यहाँ लोग एक दुसरे का इस्तेमाल करता है. संसार में सब अपना भला देखते है बस संत ही कहते है की संसार का भला हो. इन्हें संसार से कुछ लेना देना नहीं है जितना है उसी से खुश है. सब चाहते है की दुनियाभर में इनका नाम हो और ऐसा हो भी रहा है. इसलिए मैंने साध्वी बनने का फैसला किया है. आपको बता दूँ की सिमरन ने अपनी पसंद का आखिरी खाना खाया और उसने साध्वी बनने के लिए अपने बाल त्याग दिए और अबसे वो अपनी जिंदगी एक साध्वी के रूप में बिताएगी.

 

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