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PAK में 300 रुपए किलो बिक रहा टमाटर, पर मंत्री बोले- भारत से नहीं करेंगे इम्पोर्ट

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पाक सरकार टमाटर की कमी से निपटने के लिए हर साल भारत से इसका इम्पोर्ट करती रही है। – फाइल
लाहौर. पाकिस्तान में टमाटर की कीमत बढ़कर 300 रुपए प्रति किलो तक पहुंच गई है, लेकिन इसके बावजूद इस्लामाबाद भारत से इसे इम्पोर्ट (आयात) नहीं करेगा। दोनों देशों के ठंडे पड़े बाइलेटरल रिश्तों के बीच फूड सिक्युरिटी मिनिस्टर सिकंदर हयात बोसान ने यह बयान दिया है। हर साल भारत से टमाटर इम्पोर्ट करता रहा है पाक…
– न्यूज एजेंसी के मुताबिक एक्सप्रेस ट्रिब्यून ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि पाकिस्तान के घरेलू बाजार में काफी दिनों से टमाटर की कमी देखी जा रही है। लिहाजा देश के कई हिस्सों में यह 300 रुपए प्रति किलो तक बिक रहा है।
– “पाक सरकार टमाटर की कमी से निपटने के लिए हर साल भारत से इसका इम्पोर्ट करती रही है। बॉर्डर पार से कंटेनरों के लगातार आने से टमाटर को लेकर डिमांड-सप्लाई (मांग-आपूर्ति) का बड़ा अंतर पैदा हो गया है। इन दिनों लोकल वेंडर्स को सिर्फ सिंध प्रोविंस से ही कुछ प्रोडक्शन की उम्मीद है।”
टमाटर-प्याज का संकट जल्द ही खत्म हो जाएगा: मिनिस्टर
– मिनिस्टर सिकंदर हयात ने सोमवार को रिपोर्टरों से बातचीत में कहा, “पाक में टमाटर और प्याज का संकट कुछ दिनों में ही खत्म हो जाएगा क्योंकि बलूचिस्तान में इनकी फसलें पकने वाली हैं।” हयात ने साफ तौर पर कहा कि सरकार भारत से सब्जियां इम्पोर्ट नहीं करेगी।
सरकार ने फिक्स कर दी कीमत, फिर भी ऐसे हालात
– डॉन अखबार ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि टमाटर की कीमतें लाहौर और पंजाब प्रोविंस में आसमान छू रही हैं। जबकि कुछ दिनों पहले तक यहां टमाटर 100-120 रुपए प्रति किलो बिक रहा था। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सरकार ने इसकी कीमत 132-140 रुपए प्रति किलो के बीच फिक्स कर दी थी, इसके बावजूद ऐसे हालात हैं।
इंडस्ट्री ने मंत्री के बयान की तारीफ की
– लाहौर चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (LCCI) ने मिनिस्टर सिकंदर हयात के इस बयान की तारीफ की है कि सरकार भारत से टमाटर इम्पोर्ट नहीं करेगी। इंडस्ट्री का कहना है कि इस कदम से लोकल किसानों को राहत मिलेगी और पाकिस्तार का फॉरेन एक्सचेंज भी बचेगा।
– LCCI के प्रेसिडेंट अब्दुल बासित ने कहा, “यह एक सही फैसला है, देश में जनता को खिलाने के लिए काफी रिसोर्सेज हैं। टमाटर की पैदावार करने वालों को ज्यादा से ज्यादा मदद दी जानी चाहिए और उनके मुद्दों को प्रायोरिटी बेसिस पर सुलझाना चाहिए। सरकार को संकट जैसे हालात से निपटने के लिए इसकी पैदावार को बढ़ावा देना चाहिए।”